Sunday, 2 April 2017

अपने को बच्ची कहती ह .....(कविता) विनय भारत

उन लडकियो को जो झूठ बोलकर माँँ बाप को धोखा देती है और गलत कदम उठाती है जिन्हे माँ बाप कुछ कह तो नही सकते लेकिन उनके भाव यही होते है ----------------------------------------------------------------- 

तुझे जन्म दिया तुझको पाला
तुझको सब अपना दे डाला
आखिर ऐसा क्यूँ काम किया

तूने हमको बदनाम किया

तू रोज यूँ कॉलेज जाती ह

तू हंसती ह मुस्काती ह

तू मन ही मन में आखिर क्यों

हमसे कुछ भी छिपाती ह

आखिर तुझको क्या हो गया

मेरा स्नेह अपार कहाँ खो गया

क्या ऐसा भी कोई होता ह

आखिर क्यों ये जग सोता ह
माँ के प्यार से कैसे बड़ा

बॉयफ्रेंड का प्यार भी होता ह
तुझे इसीलिए नही पाला ह
तुझको न मन से निकाला ह
गई पढ़ाई करने स्कूल तू
फिर क्यों ये झमेला पाला ह
तू फिर आखिर पढ़ाई भूल क्यों ऐसे खोने लगती ह
उम्र से पहले ही शादी के क्यो सपने सजोने लगती ह
हम प्रेम विरोधी नही बेटा
हम तेरे रोधी नही बेटा
फिर क्यों तेरे इस झूठ से सुन
आखिर अपना माथा ऐठा
अरे प्रेम दोस्ती की छूटे जो तुझको अच्छी लगती ह
वो केबल कल्पना की दुनिया बेटा
कल्पना में सच्ची लगती ह
ना कोई ताजमहल होता
न कोई चाँद यूँ लाता ह
सब तेरे खुलेपन का ह असर
बस वही उन्हें बहकाता ह
कुछ बहुत नगीने होते ह
बस कुछ ही महीने होते ह
लूटकर एम् एम् एस बना
वे उड़ते रफू चक्कर होते ह
तू आखिर क्यों ये समझ नही
अच्छे बुरे की पहचान नही
ये फ़िल्मी जगत बस फ़िल्मी ह
सचाई का यहाँ काम नही
नही कोई शाहरुख न सलमान
न कोई प्रेमी चक्कर होता ह
जिसको ह यहाँ पैसे मिलते
बस वो ही गब्बर होता ह
तुझे पता भी क्या इस दुनिया का
कोई अफ़ज़ल सच्चा नही होता
जो अपने धर्म का नही हुआ
वो तेरा कोन कहाँ होता
जिनके यहाँ रिश्तों में पागल
शादी संबंध बन जाते ह
ऐसे लोग किसी के कैसे
धर्म भाई बन पाते ह
तुम कल तक जिसको भैया बोल पगली
घर पे लेके आती थी
तुम्हारे पापा की आँखें फिर भी सहती जाती थी
तुम्हारे फेसबुक पे उसके कमेंट भी सब कोई पढ़ते थे
तुमसे कुछ भी नही कहते थे
क्योंकि सब तुम्हे समझते थे
प्यार का धर्म नही होता
लेकिन वो बेशर्म नही होता
हम भी तुम्ही को चाहते ह
माँ बाप से बढ़के नही होता
लाडो हमको भी तेरे सुख दुख जीवन की चिंता ह
पढाई के बाद तेरी शादी का होना भी पक्का ह
फिर मस्ती और इस फैसन में
आखिर तू क्यों खो जाती ह
आखिर क्यों माँ बाप की आँखे
नज़र तुझे नही आती ह
इस वासनियत की दुनिया में
सच्चा प्यार कही नही होता ह
जो सच्चा प्यार करे पगली
माँ बाप का आँचल होता ह
विनय भारत

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